राजस्थान कुसुम योजना सोलर पंप सब्सिडी, घटक A, B, C की संपूर्ण जानकारी

राजस्थान कुसुम योजना सोलर पंप सब्सिडी, घटक A, B, C की संपूर्ण जानकारी (Rajasthan Kusum Yojana Solar Pump Subsidy, Complete Information about Component A, B, C )

कुसुम योजना क्या है

भारत में कृषि और ग्रामीण विकास को सशक्त करने, किसान की आय बढ़ाने और टिकाऊ (sustainable) ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 2019 में PM-KUSUM योजना शुरू किया गया था जिसे अब जनवरी 2024 में बढ़ाया गया !

“KUSUM” का पूरा नाम है “Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan” — अर्थात् “प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान”।

राजस्थान सरकार कुसुम योजना को फ्लैगशिप योजनाएँ में शामिल किया गया योजना का मूल उद्देश्य किसान —विशेषकर वे जिनकी जमीन बंजर या खराब या अनार्ण्य (non-cultivable / semi-cultivable / barren / fallow) हो — उन्हें सोलर (सौर) ऊर्जा का उपयोग और उससे आय का साधन उपलब्ध कराना है। इसके साथ-साथ कृषि सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाकर पारंपरिक बिजली या डीजल की निर्भरता कम करना है।

वित्तीय सहयोग – केंद्र सरकार का 30%,राज्य सरकार 30% तथा किसान स्वयं का 40% (30% तक बैंक से ऋण ले सकते हैं) होता है

PM-KUSUM योजना को तीन मुख्य घटकों (components) में बांटा गया है

Component A, B, और C। हर घटक का अपना लक्ष्य, उद्देश्य और आवेदन की प्रक्रिया है। नीचे हम हर घटक का विस्तार से वर्णन करेंगे, और फिर यह देखेंगे कि राजस्थान में इस योजना का हाल क्या है, इसके फायदे, चुनौतियाँ, और आगे की राह।

घटक-ए (Component A) — विकेंद्रीकृत ग्राउंड-माउंटेड सौर संयंत्र

घटक (Component) A क्या है?

Component A का उद्देश्य है — ऐसे grid-connected (ग्रिड से जुड़े) सोलर पावर प्लांट्स स्थापित करना, जो किसान, किसान समूह (FPO), पंचायत, सहकारी संस्था आदि द्वारा उनके बंजर या semi-cultivable या fallow जमीन पर लगाये जा सकें।

हर प्लांट की अधिकतम क्षमता 0.5 मेगावाट की 2 मेगावाट ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना

जो बिजली इस प्लांट से बनेगी, वह राज्य के DISCOMs (बिजली वितरण कंपनियों) को बेची जा सकती है — यानी किसान सिर्फ सिंचाई के लिए ही नहीं बल्कि बिजली बेचकर अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं।

घटक-बी (Component B) — ऑफ-ग्रिड सोलर कृषि पंप

घटक (Component) B क्या है?

Component B का लक्ष्य है — सिचाई हेतु सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराना| कुसुम घटक बी के तहत सिचाई हेतु 7.5 एचपी क्षमता के अधिकतम 100 मीटर गहराई तक की सौर ऊर्जा पम्प संबंध 60 प्रतिशत (30 प्रतिशत राज्य मद व 30 प्रतिशत केन्द्रीय मद से) अनुदान पर देय है। कृषक के पास स्वयं के भू-स्वामित्य में 0.4 हेक्टेयर भूमि होना आवश्यक है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति कृषक हेतु 3 व 5 एचपी क्षमाता को सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापना हेतु 0.2 हैक्टेयर भूमि आवश्यक है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को राज्य योजना से राशि क 45000/- प्रति संयन्त्र अतिरिका अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसमें वे किसान पात्र है जिनके पास कृषि भूमि में सिंचाई स्त्रोत हो तथा सिचाई करने के लिए कृषि विद्युत कनेक्शन नहीं हो अथवा सिंचाई के लिए डीजल चलित संवत्र या अना साधन पर निर्भर हो।
घटक-सी (Component C) — ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सोलराइजेशन

घटक (Component) C क्या है?

कुसुम घटक सी के तहत से जुड़े 7.5 एच. पी. के कृषि पम्प सेटों पर सोलर चेनल दोगुनी क्षमता तक लगा कर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग न केवल अपनी खेती के लिए बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन को बिजली कंपनी को बेचकर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते है।

 

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राजस्थान कुसुम योजना सोलर पंप सब्सिडी
राजस्थान कुसुम योजना सोलर पंप सब्सिडी

राजस्थान में KUSUM — स्थिति, प्रगति और उपलब्धियाँ

राजस्थान की वर्तमान स्थिति

1.प्रधानमंत्री कुसुम योजना कंपोनेंट ए में अग्रणी राज्य राजस्थान है, जिससे लगभग 135 मेगावाट बिजली उत्पादित की जा रही है

2.2025 में राजस्थान ने रिकॉर्ड बनाया है — कुसुम योजना के तहत राज्य ने 2,000 MW से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता हासिल कर ली है।

3. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इस योजना में किसानों को खेतों में सोलर पम्प लगाने पर 60% अनुदान दिया जाता है। 30% अंशदान केंद्र और 30% राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाती

जनजातीय क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के किसानों को 3 एचपी एवं 5 एचपी क्षमता के सौर संयंत्र लगाने पर 100% अनुदान दिया जा रहा है।

4.कुसुम ए योजना- राजस्थान को 5,000 मेगावाट अतिरिक्त आवंटन राजस्थान देश में अग्रणी-

5.नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने PM-कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) के तहत ग्रामीण भारत में 30,000 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की समय-सीमा बढ़ाकर मार्च 2026 कर दी है।

6. कुल 1305 मेगावाट क्षमता के 684 विकेंद्रीकृत सौर संयंत्र स्थापित ।

7. बीते 1 वर्ष में-1190 मेगावाट क्षमता के 592 संयंत्र लगाए गए।

8.मुख्यमंत्री संकल्प – वर्ष 2027 तक कृषि के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य।

राजस्थान कुसुम योजना के लाभ (Benefits of KUSUM Yojana)

✔️ 1. सिंचाई के लिए मुफ्त/सस्ती बिजली

सोलर पंप से खेती करने पर बिजली बिल 0 रुपये तक हो जाता है।

डीजल पंप की आवश्यकता खत्म → हर महीने बड़ी बचत

✔️ 2. 70–90% तक सरकारी सब्सिडी

किसानों को सोलर पंप लगाने पर
70–90% तक सब्सिडी दी जाती है।

किसान को सिर्फ 10–30% खर्च देना होता है

✔️ 3. डीजल खर्च समाप्त → वार्षिक बचत 40,000 – 1,00,000 रुपये

डीजल पंप हटाकर सोलर पंप से सिंचाई →
हर सीजन का खर्च लगभग 0।

✔️ 4. अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई (Component A, C)

किसान अपने खेतों में सोलर प्लांट लगाकर
अतिरिक्त बिजली सरकार को बेच सकते हैं

प्रति माह 15,000 – 25,000 ₹ तक कमाई संभव।

✔️ 5. खेत में 24 घंटे सिंचाई

सौर ऊर्जा दिन में मिलेगी

बैटरी/ग्रिड विकल्प के साथ 24×7 सिंचाई आसान।

राजस्थान कुसुम योजना पात्रता (Eligibility Criteria)

✔️ 1. राजस्थान का निवासी होना अनिवार्य

आवेदक किसान राजस्थान से होना चाहिए।

✔️ 2. किसान होना चाहिए (व्यक्तिगत या समूह)

व्यक्तिगत किसान

किसान समूह

सहकारी समितियाँ

FPO, PACS आदि सभी पात्र।

✔️ 3. कृषि भूमि का होना जरूरी

जमीन किसान के नाम होनी चाहिए

खसरा/जमाबंदी जरूरी

भूमि विवाद-मुक्त हो।

✔️ 4. सिंचाई स्रोत होना अनिवार्य (B & C)

बोरवेल / ट्यूबवेल / कुआँ होना चाहिए।

✔️ 5. बैंक खाता आधार से लिंक

DBT से सब्सिडी सीधे खाते में भेजी जाती है।

✔️ 6. बिजली कनेक्शन महत्वपूर्ण (Component C)

✔️ 7. पहले से सोलर पंप सब्सिडी न ली हो दोहरी सब्सिडी की अनुमति नहीं।

✔️ 8. Component A के लिए न्यूनतम भूमि

0.5 – 2 हेक्टेयर तक भूमि आवश्यक

राजस्थान कुसुम योजना आवेदन प्रक्रिया (Online Apply Process)

राजस्थान में PM-KUSUM के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जाता है।

✔️ Step 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

👉 https://energy.rajasthan.gov.in

✔️ Step 2: “कुसुम योजना” सेक्शन खोलें

यहां Component A, B, C के अलग-अलग लिंक मिलेंगे।

✔️ Step 3: नया पंजीकरण (New Registration)

नाम दर्ज करें

मोबाइल नंबर

आधार नंबर

जन आधार ID

बैंक विवरण

जमीन का विवरण (खसरा/जमाबंदी)

✔️ Step 4: दस्तावेज अपलोड करें

आधार कार्ड

जन आधार

बैंक पासबुक

जमीन के दस्तावेज

बिजली कनेक्शन नंबर (Component C)

✔️ Step 5: सोलर पंप/प्लांट का प्रकार चुनें

3 HP / 5 HP / 7.5 HP / 10 HP
या

Component A–C विकल्प चुनें

✔️ Step 6: सब्सिडी का विकल्प चुनें और फॉर्म सबमिट करें

आवेदन जमा करने के बाद पंजीकरण नंबर प्राप्त होगा।

✔️ Step 7: सत्यापन और आवंटन

विभाग दस्तावेजों का सत्यापन करता है

चयनित किसान को LOA (अवॉर्ड लेटर) जारी किया जाता है।

✔️ Step 8: कंपनी द्वारा स्थापना

अधिकृत कंपनी आपके खेत में सोलर पंप/प्लांट स्थापित करती है।

✔️ Step 9: सब्सिडी DBT से मिलेगी

किसान द्वारा दिए गए हिस्से के भुगतान के बाद
बाकी राशि सीधे सरकारी सब्सिडी के रूप में आती है।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

✓ आधार कार्ड
✓ जन आधार कार्ड
✓ बैंक पासबुक
✓ जमीन का खसरा/जमाबंदी
✓ फोटो
✓ बिजली कनेक्शन नंबर (Component C)
✓ मोबाइल नंबर
कुसुम योजना का हेल्पलाइन
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RREC) हेल्पलाइन:
📞 0141-2225859 / 2228198

FAQs: राजस्थान कुसुम योजना

1. राजस्थान कुसुम योजना कब शुरू हुई?

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 2019 में PM-KUSUM योजना शुरू किया

2. कुसुम योजना में कौन-कौन से घटक (Components) शामिल हैं?

योजना मुख्य रूप से तीन घटकों में विभाजित है:

घटक-A: कृषि भूमि पर सोलर प्लांट (0.5–2 MW)

घटक-B: स्टैंड-अलोन सोलर पंप

घटक-C: मौजूदा पंपों का सोलराइजेशन

3. कुसुम योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?

केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को लगभग 70–90% तक सब्सिडी उपलब्ध करवाती हैं।

4. कुसुम योजना के लिए पात्रता क्या है?

राजस्थान का स्थायी निवासी होना चाहिए

किसान / खेत मालिक / सहकारी समिति

कृषि कार्य हेतु भूमि उपलब्ध हो

बैंक खाता और आधार कार्ड

बिजली कनेक्शन वाले किसान (घटक-C के लिए)

5. क्या छोटे और सीमांत किसान भी आवेदन कर सकते हैं?

हाँ, छोटे और सीमांत किसान दोनों पात्र हैं। विशेष प्राथमिकता भी दी जाती है।

6. क्या किराए की जमीन पर भी सोलर प्लांट लग सकता है?
हाँ, घटक-A में लीज एग्रीमेंट के साथ किराए की जमीन पर भी प्लांट लग सकता है।

7. क्या आवेदन ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से होता है?

आवेदन मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से होता है। कुछ जिलों में ऑफलाइन सुविधा भी उपलब्ध है।

 

राजस्थान की 25 फ्लैगशिप योजनाएँ 2025– Updated List”

 

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