कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान – उद्देश्य, महत्व, लाभ व संपूर्ण जानकारी (2025)
कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान क्या है?
माननीय प्रधानमंत्री जी की “कैच द रैन” अभियान प्रेरित होकर माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार द्वारा 15 जनवरी 2025 को “कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान” का जयपुर शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के बाहर कार्यरत या प्रवास कर चुके लोगों को अपनी जन्मभूमि से जोड़ना, उन्हें स्थानीय विकास कार्यों से अवगत कराना और जल संरक्षण, जल संचयन, पर्यावरण सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास में उनकी स्वैच्छिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को यह संदेश दिया गया है कि कर्मभूमि चाहे कहीं भी हो, पर मातृभूमि का कर्ज सभी पर समान रूप से है, और उसकी प्रगति में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान आवश्यक है।
वर्ष 2025 के लिए इस अभियान का विषय “जल संचय – जन भागीदारी, जन जागरूकता की ओर” रखा गया है,
कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान का मुख्य उद्देश्य
- वर्षा जल की एक-एक बूंद का संरक्षण, संवर्धन व जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण करना
- राज्य में गिरते भू-जल स्तर को रोकने के साथ-साथ आम-जन को जागरूक कर जल के प्रति व्यवहार परिवर्तन करना
- प्रवासियों को मातृभूमि से पुनः जोड़ना
- मूल संस्कृति, परंपरा और विरासत का संरक्षण
- स्थानीय विकास कार्यों में सहयोग बढ़ाना
कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान अभियान का महत्व
1. ग्रामीण विकास में तेजी
बड़े शहरों में काम कर रहे लोग आर्थिक रूप से सक्षम होते हैं। उनके योगदान से गाँव में—
नए स्कूल साफ पानी की व्यवस्था सामुदायिक भवन स्वच्छता अभियान स्वास्थ्य सुविधाएँ इत्यादि में सुधार आ सकता है।
2. बेरोजगारी कम होती है
प्रवासी लोग नए रोजगार अवसरों की जानकारी गाँव तक पहुँचाते हैं।
कुछ लोग अपने गाँव में उद्योग, स्टार्टअप या नया व्यवसाय स्थापित भी करते हैं।
3. पलायन रोकने में मदद
यदि गाँव में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ बेहतर हो जाएँ, तो पलायन कम होगा।
4. संबंधों में मजबूती
लोग अपने गाँव जाते हैं, त्योहारों में हिस्सा लेते हैं और रिश्तों में मजबूती आती है।
5. राष्ट्र निर्माण में योगदान
जब लाखों लोग मिलकर काम करें, तो राष्ट्र निर्माण की गति कई गुना बढ़ जाती है।
कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान लाभान्वित वर्ग
इस अभियान के अन्तर्गत राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगभग 4 रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण किया जाकर राज्य के 41 जिलों की 11266 ग्राम पंचायतों में लगभग 45000 रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं का निर्माण किया जायेगा।
शुरूआती जिले (पायलट प्रोजेक्ट): सिरोही, पाली, जोधपुर, झुंझुनू, जयपुर और भीलवाड़ा

इस अभियान में कैसे शामिल हों?
- वर्तमान में कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत गाँवों में रिचार्ज और जल संरक्षण के स्थानों का चयन ग्राम विकास अधिकारी कर रहे हैं। इसके लिए वे पंचायती राज विभाग के ई-पंचायत मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं।
- जब इन स्थानों पर जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाएँ (जैसे सोख्ता गड्ढा, चेक डैम, तालाब सुधार आदि) बनकर तैयार हो जाएँगी, तब उनकी पूरी जानकारी भी ई-पंचायत मोबाइल ऐप पर ही अपडेट की जाएगी।
- अभी तक ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा कुल 36,998 रिचार्ज स्थलों का चयन इस मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा चुका है।
⭐ FAQ – कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान एवं जल शक्ति अभियान
1. कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान क्या है?
यह राजस्थान सरकार का अभियान है, जिसका उद्देश्य राज्य के बाहर रह रहे लोगों को अपनी जन्मभूमि से जोड़ना और गाँवों के विकास, जल संरक्षण तथा जनभागीदारी को बढ़ाना है।
2. “कैच द रैन” थीम क्या है?
यह जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की पहल है, जिसमें वर्षा जल संरक्षण, भू-जल रिचार्ज और पानी बचाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाई जाती है।
3. जल शक्ति अभियान कब शुरू हुआ?
जल शक्ति अभियान वर्ष 2019 से भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया है।
4. वर्ष 2025 के लिए जल शक्ति अभियान की थीम क्या है?
2025 की थीम है—
“जल संचय – जन भागीदारी, जन जागरूकता की ओर”
5. राजस्थान में कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान का शुभारंभ कब हुआ?
इसका शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 15 जनवरी 2025 को जयपुर में किया गया।
6. इस अभियान में ग्राम विकास अधिकारियों की क्या भूमिका है?
ग्राम विकास अधिकारी गाँवों में जल संरक्षण और रिचार्ज स्थल चुनते हैं और उनकी जानकारी ई-पंचायत मोबाइल ऐप पर भरते हैं।
7. ई-पंचायत मोबाइल ऐप क्या है?
यह पंचायती राज विभाग का आधिकारिक ऐप है, जिसमें गाँवों के विकास कार्य, जल संरक्षण स्थल, संरचना निर्माण और प्रगति की जानकारी दर्ज की जाती है।—
8. क्या जल संरक्षण संरचनाओं की प्रगति भी ऐप में डाली जाएगी?
हाँ, संरचना निर्माण पूरा होने के बाद उसकी पूरी जानकारी ई-पंचायत ऐप में अपडेट की जाएगी।—