आज हम बात करेंगे राजस्थान की latest योजना के बारे में जो की मुख्यमंत्री द्वारा हाल में 2.0 ( mukhyamantree jal svaavalamban abhiyaan 2.0 ) वर्जन लांच किया है । इस योजन नाम मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 रखा गया है। इस योजना में कुछ बदलाव के साथ फिर से जानता के फायदे के लिए किया है अगर आप इस योजना की जानकारी चाहते है तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़े आपको सभी जानकारी इस पोस्ट में मिलेगी।
राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, परंतु यहां सबसे बड़ी चुनौती जल संकट और भूजल का लगातार गिरता स्तर है। वर्षा पर निर्भरता, कम वर्षा वाले क्षेत्र, सूखा, जल संचयन की सीमित क्षमता और अनियमित मानसून जैसी परिस्थितियों ने लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व सिंचाई दोनों को प्रभावित किया है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य गांवों को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था।
Jal Svaavalamban abhiyaan 2.0 Kya hai ?
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल संचयन को बढावा देना, जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और सूखे की स्थिति में उत्पन्न होने वाली कठिनाईयों को कम करना।
इसका मुख्य लक्ष्य है—
“हर गांव को जल की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाना तथा सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा देना।”

अभियान के प्रमुख उद्देश्य
अभियान के अन्तर्गत जल संग्रहण एवं संरक्षण मंचों का निर्माण, गांव में पीने के पानी की कमी को दूर करना, वर्षा जल संग्रहण, परम्परागत पेयजल एवं जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना, सिंचित एवं कृषि योग्य क्षेत्रफल को बढ़ाना, सघन वृक्षारोपण कर हरित क्षेत्रों को बढ़ाना और जल एवं मृदा संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना आदि कार्य किये जायेंगे। इसके अंतर्गत आगामी चार वर्षों में 20,000 गाँवों में 5 लाख जल संचयन संरचनाओं (जैसे तालाब, एनिकट, टांके आदि) का निर्माण किया जाएगा। प्रथम चरण में 5,000 से अधिक अभियान के गाँवों को कवर किया जाना है। यह योजना पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर जल संरक्षण को बढ़ावा देती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी और जल संकट से राहत प्रदान की जा सकेगी।
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mukhyamantree jal svaavalamban abhiyaan 2.0 के लाभ
1. भूजल पुनर्भरण में वृद्धि
2. सिंचाई के साधनों में सुधार
3. कृषि उत्पादन बढ़ा
4. पेयजल समस्या में कमी।
5. बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 राजस्थान के ग्रामीण जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन है जिसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्षा जल के संरक्षण से लेकर पुराने जल संसाधनों के पुनर्जीवन तक, MJSA 2.0 राज्य को जल संकट से उबारने की दिशा में मजबूत कदम है।
यदि यह अभियान निरंतर इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में राजस्थान के अधिकतर गांव पूर्णतः जल स्वावलंबी बन जाएंगे।
FAQ – mukhyamantree jal svaavalamban abhiyaan 2.0
Q1. मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 क्या है?
राजस्थान सरकार का जल संरक्षण और जल स्वावलम्बन बढ़ाने हेतु चलाया गया अभियान है, जिसमें वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, भूजल रिचार्ज और गांवों को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना शामिल है।
Q2. मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 की शुरुआत क्यों की गई?
राजस्थान में जल संकट, सूखा, घटता भूजल स्तर और अनियमित वर्षा को देखते हुए गांवों में स्थाई जल उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह अभियान चलाया गया।
Q3.मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 भूजल स्तर को कैसे सुधारता है?
अभियान के तहत बनाए गए रिचार्ज कुएं, चेकडैम, परकोलेशन टैंक और एनीकट वर्षा जल को धरती में समाहित करते हैं, जिससे भूजल स्तर स्वतः ऊपर आ जाता है।
Q4 MJSA 2.0 की मॉनिटरिंग कैसे होती है?
सभी कार्यों की मॉनिटरिंग e-Panchayat Mobile App पर होती है, जहां संरचना का फोटो, लोकेशन और प्रगति अपडेट की जाती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है
Q5. क्या MJSA 2.0 में सभी गांव शामिल हैं?
अभियान चरणबद्ध तरीके से चलता है। हर वर्ष चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य किए जाते हैं और धीरे-धीरे सभी गांवों को शामिल करने का लक्ष्य है।
Q6. MJSA 2.0 में आवेदन कैसे करें?
यह कोई व्यक्तिगत लाभ वाली योजना नहीं है। कार्य ग्राम सभा द्वारा चयनित होते हैं और ग्राम पंचायत के माध्यम से करवाए जाते हैं।