राजस्थान गिव-अप अभियान 2025
राजस्थान सरकार का “गिव-अप अभियान” एक उल्लेखनीय सामाजिक नीतिगत पहल है, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा योजना (National Food Security Act, NFSA) में लाभ ले रहे उन अपात्र या सक्षम व्यक्तियों को स्वेच्छा से नाम हटाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वास्तविक ज़रूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिल सके। नीचे मैं इस अभियान का एक विस्तृत आर्टिकल प्रस्तुत कर रहा हूँ:
गिव-अप अभियान क्या है !
“गिव-अप अभियान” राजस्थान सरकार द्वारा संचालित एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) में शामिल अपात्र या सक्षम व्यक्तियों को उनकी स्वेच्छा से नाम सूची से हटाने का विकल्प दिया जाता है। ताकि वास्तविक ज़रूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिल सके |इस आअभियान शुरुआत 1 नवम्बर 2024 को की गई थी।
अभियान की समय सीमा और शर्तें बाद में कुछ बढ़ाई गई हैं।
गिव-अप अभियान उद्देश्य
ऐसे परिवारों / व्यक्तियों को पहचाना जाए जो आर्थिक दृष्टि से “काफी सक्षम” हैं, लेकिन खाद्य सुरक्षा सूची (ration / NFSA list) में शामिल हैं। उदाहरण के लिए, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक है, आयकरदाता हैं, या चौपहिया वाहन रखते है इन सक्षम व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया जाए कि वे vrijwill (स्वेच्छा) से अपना नाम सूची से हटा लें, ताकि खाली हुई “स्कीम की को्टा / जगह” उन लोगों को दी जा सके जिन्हें वास्तव में इसकी ज़रूरत है।
इससे सरकार की सब्सिडी की लागत में कमी आएगी और संसाधनों का बेहतर और न्यायसंगत पुनर्वितरण हो सकेगा।
“गिव-अप अभियान”नाम हटाने की प्रवृत्ति
आप निम्न में से किसी भी श्रेणी में आते हैं तो आप NFSA के लिए अपात्र हैं और राशन का गेहूं पाने के हकदार नहीं हैं:-
1. यदि आप आयकरदाता हैं,
2. यदि आपकी एक लाख से अधिक वार्षिक आय हैं,
3. यदि आप निजी चार पहिया वाहन धारक हैं,

“गिव-अप अभियान नाम हटाने की प्रवृत्ति
मार्च 2025 तक, 14 लाख से अधिक अपात्र व्यक्तियों ने स्वेच्छा से अपने नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटवाए।
बाद में यह आंकड़ा और बढ़ा: अप्रैल 2025 तक लगभग 17.52 लाख अपात्र लोगों ने अभियान के तहत नाम हटाया, जिससे सरकार को अनुमानित 324 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।
नवंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, अभियान के अंतर्गत 41.95 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं।
“गिव-अप अभियान” समय सीमा में बदलाव
मूल रूप से अभियान की समाप्ति तिथि 31 मार्च 2025 थी।लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 30 अप्रैल 2025 कर दिया गया।
फिर भी, विभाग ने आगे भी विस्तार किया और गिव-अप अभियान की अंतिम तिथि को 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया।हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि 31 अक्टूबर 2025 के बाद उन अपात्रों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है (जुर्माना / वसूली)।

“गिव-अप अभियान”आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन पोर्टल पर जाएँ राजस्थान राशन / खाद्य विभाग का पोर्टल: RRCC पोर्टल, लिंक क्लिक करे https://rrcc.rajasthan.gov.in/NfsaGIVEUP.aspx पेज खुलने बाद वहाँ “ज़िला” ड्रॉपडाउन से अपना जिला चुने।अपना राशन कार्ड संख्या दर्ज करें |
ऑफलाइन विकल्प यदि ऑनलाइन नहीं करना चाहते हैं, तो नजदीकी उचित मूल्य दुकान (ration shop) या डिस्ट्रिक्ट आपूर्ति कार्यालय जाएँ।वहाँ गिव-अप अभियान का तय किया हुआ आवेदन फॉर्म (प्रपत्र) मिलता है, जिसे भरकर जमा किया जा सकता है।यह प्रपत्र राशन दुकान पर उपलब्ध रहता है, जैसा अलवर जिले की रिपोर्ट में बताया गया है

आवेदन जमा करने के बाद जब आप ऑनलाइन फॉर्म भरें, तो सबमिट के बाद आपका आवेदन रिकॉर्ड होगा।आप उसी RRCC पोर्टल पर “अप्लाई स्टेटस” (Application Status) देख सकते हैं, यह जांचने के लिए कि आवेदन सफल हुआ है या नहीं।जिला रसद / आपूर्ति अधिकारी द्वारा आपके आवेदन की समीक्षा की जाएगी।
“गिव-अप अभियान कौन आवेदन कर सकता है
ऐसे परिवार जो “अपात्र” माने जाते हैं, जैसे जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो, या जिनके पास निजी चौपहिया वाहन हो, या जो आयकरदाता हों। अभियान स्वैच्छिक (voluntary) है — आप अपनी मर्जी से नाम हटवाने का आवेदन कर
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार का गिव-अप अभियान एक रणनीतिक और दूरदर्शी पहल है, जो खाद्य सुरक्षा योजना की पारदर्शिता और संसाधन उपयोग की दक्षता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह न केवल वित्तीय बचत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सामाजिक न्याय और वंचितों को प्राथमिकता देने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, इसकी सफलता लंबे समय तक बने रहने के लिए सही क्रियान्वयन, जागरूकता और निरंतर निगरानी की आवश्यकता होगी।