संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) – राजस्थान | उद्देश्य, लाभ, विशेषताएँ, कार्यान्वयन, वित्त पोषण, राजस्थान में प्रगति

संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) – राजस्थान | उद्देश्य, लाभ, विशेषताएँ, कार्यान्वयन, वित्त पोषण, राजस्थान में प्रगति

 परिचय: RDSS क्या है |

संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) राजस्थान सरकार के फ्लेगशिप योजनाओं में शामिल हे | भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा विद्युत वितरण निगमों के परिचालन एवं वित्तीय कुशलता के लिए सुधार एवं परिणाम आधारित  Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS)’ दिनांक 20 जुलाई 2021 को प्रारम्भ की गई। योजनान्तर्गत केन्द्रीय एवं राज्य का प्रावधान क्रमशः 60:40 प्रतिशत है।

यह एक परिणाम-आधारित सुधार कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य पूरे देश में – विशेषकर राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में – बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय, किफायती और स्मार्ट बनाना है।

इस योजना का मुख्य लक्ष्य है AT&C Losses (Aggregate Technical & Commercial Losses) को कम करना, बिजली की गुणवत्ता में सुधार करना और स्मार्ट प्रौद्योगिकियों का विस्तार करना

 RDSS का मुख्य उद्देश्य

1. बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना

2. AT&C लॉस को राष्ट्रीय मानकों तक कम करना

3. 24×7 गुणवत्ता युक्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना

4. स्मार्ट मीटर, स्मार्ट ग्रिड और नई डिजिटल तकनीकों को बढ़ावा देना

5. बिजली चोरी को कम करना

6. Distribution Infrastructure को आधुनिक बनाना

RDSS के दो प्रमुख घटक (Components)

1. परिणाम आधारित सुधार (Result-Based Reforms)

इसमें राज्यों को सुधार लाने पर आर्थिक सहायता मिलती है। सुधारों में शामिल है—

AT&C लॉस में कमी

ACS-ARR गैप को कम करना

बिजली बिलिंग में बढ़ोतरी

स्मार्ट मीटरिंग

प्रीपेड सिस्टम

2. वितरण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण (Infrastructure Upgradation)

इसके तहत Discoms को आधुनिक भौतिक सुविधाएँ दी जाती हैं—

नए 33/11 KV सबस्टेशन

नई फीडर लाइन्स

ट्रांसफार्मर क्षमता का विस्तार

हाई-टेंशन व लो-टेंशन नेटवर्क सुधार

स्मार्ट मीटर स्थापना

 राजस्थान में RDSS क्यों आवश्यक है?

राजस्थान एक भौगोलिक रूप से बड़ा राज्य है जहाँ— लंबी Transmission लाइने ,रेगिस्तानी क्षेत्र,ग्रामीण और दुर्गम गांव, उच्च AT&C Loss ,बढ़ती बिजली मांग ,कृषि उपभोग अधिक

इन कारणों से बिजली वितरण पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
RDSS इन समस्याओं को दूर करने के लिए राजस्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

 राजस्थान में RDSS के मुख्य लाभ

1. बेहतर बिजली आपूर्ति

2. स्मार्ट मीटरिंग से पारदर्शितागलत रीडिंग खत्म

3. AT&C Losses में कमी

4. Discom की वित्तीय क्षमता में सुधार

5. उपभोक्ता के लिए बेहतर ग्रिवेंस समाधान

RDSS के अंतर्गत फंडिंग मॉडल

RDSS पूरी तरह परिणाम आधारित (Result Oriented) है।
इसमें—

60% तक अनुदान (Grant)

बाकी राशि राज्य/Discom द्वारा

यदि Discom निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं करता, तो अनुदान कम कर दिया जाता है।

राजस्थान में RDSS के अंतर्गत प्रमुख कार्य

1. स्मार्ट मीटर स्थापना

– स्मार्ट प्रीपेड मीटर
– कृषि, घरेलू और औद्योगिक कनेक्शन
– बिलिंग दक्षता में वृद्धि

लक्ष्य: राजस्थान में 1.4 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है।

2. Distribution Infrastructure को मजबूत करना,

33/11 KV सबस्टेशन

11 KV फीडर सुधार

नए ट्रांसफार्मर

पुराने LT/HT नेटवर्क का नवीनीकरण

3. कृषि फीडरों का सुदृढ़ीकरण

किसानों को अधिक स्थिर बिजली

फीडर सेग्रिगेशन

कृषि व घरेलू बिजली को अलग करना

4. स्मार्ट ग्रिड तकनीक

ऑटोमेटिक फॉल्ट डिटेक्शन

Remote Monitoring

Energy Audit

5. IT-सक्षम सिस्टम

बिलिंग ऐप

स्मार्ट भुगतान पोर्टल

फीडर मॉनिटरिंग सिस्टम

राजस्थान में RDSS की प्रगति (2024–2025 अपडेट)

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33/11 KV सबस्टेशन का विस्तार तेज़ गति से

स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में तेज़ प्रगति

ग्रामीण क्षेत्रों में फीडर सुधार

AT&C Loss में कमी

कृषि क्षेत्रों में बिजली गुणवत्ता में सुधार

ग्रामीण विद्युत लाइनों में अपग्रेडेशन

राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर क्षेत्रों में योजना तेजी से लागू हो रही

Rajasthan में RDSS के फायदे किसे मिलेंगे?

ग्रामीण उपभोक्ताओं

किसानों

घरेलू परिवारों

छोटे-बड़े उद्योग

व्यवसायिक उपभोक्ता

सरकारी संस्थान

Discom कर्मचारी

कुल मिलाकर, राजस्थान के लगभग सबसे बड़े बिजली उपभोक्ता समूहों को लाभ मिलेगा।

 RDSS और स्मार्ट मीटरिंग का प्रभाव

❇ प्रीपेड रिचार्ज सिस्टम

उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन से रिचार्ज कर सकता है।

❇ बिलिंग का झंझट खत्म

– मैनुअल रीडिंग की आवश्यकता नहीं
– गलत बिलिंग की संभावना शून्य

❇ बिजली चोरी पर रोक

स्मार्ट मीटर की वजह से वैधता और मॉनिटरिंग मजबूत होगी।

 RDSS का लक्ष्य (2025 तक)

1. AT&C Loss ≤ 12–15%

2. ACS-ARR गैप = Zero Gap

3. 100% स्मार्ट मीटरिंग

4. 24×7 बिजली आपूर्ति

5. विश्व स्तर की बिजली वितरण प्रणाली

🔷 निष्कर्ष (Conclusion)

“संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS)” राजस्थान के बिजली क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार लेकर आई है।
यह योजना न केवल Discoms को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को स्मार्ट सुविधाएँ और बेहतर बिजली गुणवत्ता उपलब्ध करा रही है।

राजस्थान में RDSS के कारण—

स्मार्ट मीटरिंग बढ़ रही है

बिजली कटौती कम हो रही है

बिजली चोरी रुक रही है

बिजली सिस्टम तकनीकी रूप से मजबूत हो रहा है

यह योजना आने वाले वर्षों में राजस्थान को 24×7 विश्वसनीय बिजली की दिशा में आगे ले जाएगी

 राजस्थान RDSS के बारे में महत्वपूर्ण FAQs

Q.1 RDSS क्या है?

यह एक राष्ट्रीय योजना है जिसका उद्देश्य बिजली वितरण क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाना है।

Q.2 क्या RDSS राजस्थान में लागू है?

हां, यह राजस्थान में तेजी से लागू किया जा रहा है।

Q.3 स्मार्ट मीटर क्या लाभ देगा?

स्मार्ट मीटर सही बिलिंग, ऑनलाइन रिचार्ज और पारदर्शी बिजली उपयोग की सुविधा देता है।

Q.4 RDSS का मुख्य लक्ष्य क्या है?

AT&C Loss कम करना, स्मार्ट मीटर लगाना और 24×7 बिजली आपूर्ति देना।

Q.5 क्या ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा?

हाँ, RDSS विशेष रूप से ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों पर ध्यान देता है

 

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