“मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना”
“मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना बेहद महत्वपूर्ण और लोक-हितैषी स्वास्थ्य पहल है, जिसने राज्य के लाखों रोगियों को आर्थिक बोझ से राहत दी है। योजना की शुरुआत महात्मा गांधी के जन्मदिन के अवसर पर 2 अक्टूबर 2011 को शुरू की गई थी।मकसद: सरकारी अस्पतालों में आने वाले इनडोर (IPD) और आउटडोर (OPD) दोनों मरीजों को ज़रूरी दवाइयां बिल्कुल मुफ्त देना।
वित्तपोषण: इस योजना में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों योगदान देती हैं। योजना का 40 % राज्य सरकार और 60 % केंद्र सरकार वहन करती है।

“मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना”उद्देश्य
हर मरीज को ज़रूरी दवाइयाँ मुफ्त देना
इलाज के खर्च का बोझ कम करना
गरीब और कमजोर वर्ग की मदद करना
सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा बढ़ाना
राजस्थान को “निरोगी राज्य” बनाना
“मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना”उद्देश्य कौन-कौन इस योजना का लाभ ले सकता है !
यह योजना राजस्थान के हर व्यक्ति के लिए है। गरीब हो अमीर हो ग्रामीण क्षेत्र में रहता हो शहर में रहता हो बूढ़ा हो, बच्चा हो या महिला सभी को एक समान मुफ्त दवाइयाँ दी जाती हैं।
“मुख्यमंत्री निशुल्क दवाइयाँ कहाँ मिलती हैं?
दवाइयाँ निम्न जगहों पर मिलती हैं:
जिला अस्पताल
उप-जिला अस्पताल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)
महात्मा गांधी अस्पताल
मेडिकल कॉलेज अस्पताल
शहरी डिस्पेंसरी
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र
हर अस्पताल में दवा वितरण केंद्र (Drug Distribution Center – DDC) बने होते हैं जहाँ से दवाइयाँ मुफ्त मिलती हैं।न कोई फीस
न कोई चार्ज न कोई रजिस्ट्रेशन पेनल्टी सब कुछ पूरी तरह निशुल्क।
इस योजना से कितने लोगों को फायदा मिलता है?
हर साल करोड़ों लोग इस योजना का फायदा उठाते हैं। उदाहरण के लिए: एक साल में लगभग 19 करोड़ मरीजों को मुफ्त दवाइयाँ मिलीं शुरू से अब तक 160 करोड़ से ज्यादा मरीजों को लाभ मिला यह भारत की सबसे बड़ी मुफ्त दवा योजना मानी जाती है।